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एफ-16 को लेकर और गंभीर हुआ US, उप प्रवक्‍ता ने कहा-कर रहे हैं बारीकी से जांच

वाशिंगटन  भारत के खिलाफ पाकिस्‍तान द्वारा एफ-16 लड़ाकू विमानों के उपयोग पर अमेरिकी विदेश विभाग के उप प्रवक्‍ता प्रवक्ता रॉबर्ट पैलाडिनो ने बुधवार को कहा हम सारी रिर्पोर्टों की बारीकी से जांच कर रहे हैं। उन्‍होंने कहा कि यह अमेरिका के लिए एक गंभीर मुद्दा है। इसलिए हम इस पर बारीकी से जांच कर रहे हैं।

बता दें कि पुलवामा आतंकी हमले के बाद पाकिस्‍तान में सक्रिय आतंकियों के खिलाफ हुई भारत द्वारा एयर स्‍ट्राइक किए जाने के बाद नियंत्रण रेखा में घुसे पाक के एफ-16 विमान का पीछा करते भारतीय वायु सेना ने मार गिराया था। हालांकि, पाकिस्‍तान वायु सेना ने इसका खंडन किया था। लेकिन भारत ने एफ-16 लड़ाकू विमान के टूटे हुए कुछ हिस्‍सों के सबूत पेश किए। भारतीय वायु सेना ने यह सिद्ध कर दिया कि पाकिस्‍तान ने भारतीय सैन्‍य ठिकानों को निशाना बनाने के लिए अपने एफ-16 लड़ाकू विमान इस्‍तेमाल किया। हालांकि, पाकिस्‍तान बार-बार इस बात को मानने से इंकार किया। उसने कहा कि इस ऑपरेशन में एफ-16 विमानों को इस्‍तेमान नहीं किया गया है।

इसके पूर्व रक्षा विभाग के प्रवक्‍ता लेफ्टिनेंट कर्नल कोन फॉल्कनर ने कहा था कि विदेशी सैन्य बिक्री समझौते में गैर प्रकटीकरण समझौतों के कारण हम उपयोगकर्ता के समझौते जैसे विषय पर चर्चा नहीं कर सकते हैं। गौरतलब है कि उच्च तकनीक रक्षा उपकरण की बिक्री के मामले में अमेरिका विश्व के सबसे बड़े विक्रेताओं में से एक है और वह समझौते के खिलाफ काम करने वालों के साथ सख्ती से पेश आता है।
एफ-16 पर लगे हैं कई प्रतिबंध 
पेंटागन की सैन्‍य सुरक्षा एजेंसी के अनुसार के अनुसार एफ 16 लड़ाकू विमान का इस्‍तेमाल आतंकियों के खात्‍मे और आत्‍मरक्षा के लिए किया जाना है। सार्वजनिक रूप से उपलब्‍ध दस्‍तावेजों से पता चलता है कि अमेरिका ने पाकिस्‍तान पर एफ 16 के उपयोग से संबंधित करीब एक दर्जन प्रतिबंध लगा रखा है।