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ISI के निशाने पर पंजाब के युवा, गैरआपराधिक रिकार्ड वालों को जाल में फंसाने की साजिश

चंडीगढ़।   पंजाब को आतंकवाद की आग में झोंकने का प्रयास कर रही पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आइएसआइ के निशाने पर ऐसे युवा हैं, जिनका कोई आपराधिक रिकार्ड न हो।वह पंजाब में आतंकवाद भड़काने के लिए यहां के ऐसे युवाओं की साजिश में जुटा है जो पुलिस या सुरक्षा एजेंसियों की नजर में आसानी से न आएं। पंजाब में दो माह में हुए दो आतंकी बम धमाकों में आइएसआइ ने इसी मॉड्यूल पर काम किया है। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह भी इस बात को मानते हैं।   सितंबर में जालंधर के मकसूदां थाने में हुए बम धमाके और 18 नवंबर को अदलीवाल में निरंकारी भवन में हुए बम धमाके में सबसे कॉमन बात यही निकल कर सामने आई है कि दोनों ही धमाकों को अंजाम देने वाले न सिर्फ युवा थे, बल्कि उनकी कोई आपराधिक पृष्ठभूमि नहीं थी। मकसूदां थाने में हुए बम धमाके को कश्मीरी छात्रों ने अंजाम दिया, तो अमृतसर में हुए बम धमाके में भी 32 व 26 साल के युवाओं ने अंजदिया।                                                                                   अमृतसर बम धमाके को अंजाम देने के लिए बिक्रमजीत और अवतार सिंह को काम को अंजाम देने के लिए पैसे दिए गए थे। हालांकि, अभी इस बात का खुलासा नहीं हो पाया है कि उनको कितनी रकम मिली था और किसने दी थी। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह का कहना है, ऐसे युवा आइएसआइ के निशाने पर हैं। क्योंकि इन्हें टारगेट कर बरगलाना आसान होता है।