CM ashok gehlot taking various step to overcome from corona panedamic in Rajasthan | जयपुर: आर्थिक मंदी से बचने के लिए CM गहलोत सुझाए उपाए, PM मोदी से की यह मांग

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जयपुर: देश में कोरोना वायरस (Coronavirus) संक्रमण के चलते पूरी दुनिया में आर्थिक मंदी का दौर आ गया है. हालात आने वाले दिनों में और भी अधिक चुनौतीपूर्ण होने वाले हैं. राजस्थान भी इस कठिनाई से अछूता नहीं है और यही वजह है कि, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) लगातार कोरोना वायरस की महामारी से निपटने के साथ-साथ आर्थिक मोर्चे पर भी काम कर रहे हैं.

CM ने की आर्थिक पैकेज की मांग
बता दें कि, अशोक गहलोत वह पहले मुख्यमंत्री जिन्होंने प्रधानमंत्री के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में, राज्यों के लिए विशेष पैकेज की मांग की थी. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रधानमंत्री से राज्यों को एक लाख करोड़ के आर्थिक पैकेज देने की मांग की थी. सीएम ने कहा था कि, जिस तरीके से दुनिया के सभी देश अपनी जनता के लिए आर्थिक पैकेज की घोषणा कर चुके हैं, उसके मुकाबले देश में किए गए प्रयास नाकाफी हैं. राज्यों की हालत खस्ता है और जीएसटी (GST) सिस्टम के बाद राज्य पूरी तरीके से केंद्र पर निर्भर हो चुके हैं. ऐसे में केंद्र को राज्यों को आर्थिक मदद देनी बेहद जरूरी है.  

PM को लिखा पत्र
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने केंद्र से राज्यों के लिए विशेष आर्थिक पैकेज की. इसका जिक्र सीएम ने प्रधानमंत्री को लिखे तीन पत्रों में भी किया और कहा कि, केंद्र राज्यों को एक लाख करोड़ के आर्थिक पैकेज देने की घोषणा करे.

Lockdown कोरोना का समाधान नहीं
वहीं, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत कई बार साफतौर पर कह चुके हैं कि, पूरे देश मे लॉकडाउन (Lockdown) जारी रखना समस्या का समाधान नहीं है. इसका कोई और रास्ता निकालना होगा. कोरोना वायरस के साथ जीने की आदत डालनी होगी. साथ ही, अपनी आदतों में बदलाव करना होगा. मुख्यमंत्री चाहते हैं कि, योजनाबद्ध तरीके से लॉकडाउन को चरणबद्ध रूप से खत्म किया जाए.
 
अनाज योजना शुरू करने की मांग की
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) से भोजन के बदले अनाज जैसी योजना शुरू करने की मांग की है. सीएम ने पीएम को लिखे पत्र में यह कहा है कि, प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई के समय, इस योजना को शुरू किया गया था और यह योजना देशभर में काफी सफल हुई थी. इसके चलते लोगों के सामने खाने का संकट नहीं पैदा हुआ था और रोजगार के भी सृजन किए जा सके थे.

केंद्र से गेहूं खरीदने का लिया निर्णय
अशोक गहलोत राजस्थान में सभी जरूरतमंद लोगों तक, भोजन पहुंचाने का संकल्प ले चुके हैं. मुख्यमंत्री चाहते हैं कि, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत नहीं आने वाले नागरिकों तक भी, गेहूं उपलब्ध करवाया जाए. मुख्यमंत्री यह मांग प्रधानमंत्री से कर चुके हैं. लेकिन इस संबंध में कोई कार्रवाई नहीं होने पर, सीएम ने अब केंद्र से गेहूं खरीदने का निर्णय लिया है.

GST में रियायत देने की मांग
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में आर्थिक हालातों को शुरू करने के लिए उद्यमियों के साथ मिलकर कई योजनाएं तैयार की है. लेकिन सीएम ने केंद्र सरकार से विशेष मांग की है कि, केंद्रीय जीएसटी में रियायत दी जाए. सीएम ने पीएम को लिखे पत्र में लिखा है कि, लॉकडाउन के चलते राजस्थान का होटल और पर्यटन व्यवसाय बुरी तरीके से प्रभावित हुआ है. ऐसे में भारत सरकार को इस चुनौती से निपटने और उद्योगों की गिरती स्थिति को संभालने के लिए, केंद्रीय जीएसटी में रियायत देनी चाहिए.

5% बढ़ाई जाए उधार लेने की सीमा
वहीं, मुख्यमंत्री ने केंद्र से उधार लेने की क्षमता की सीमा 5 प्रतिशत बढ़ाने की भी मांग की है. मुख्यमंत्री ने पीएम को लिखे पत्र में कहा था कि, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने हाल ही में वेज एंड मिंस एडवांस में 30 प्रतिशत की सीमा बढ़ाई है. लेकिन विशेष संकट काल को देखते हुए, राज्य सरकारों को ब्याज रहित वेज एंड मिंस एडवांस की सुविधा उपलब्ध करानी चाहिए.

6 महीने का ब्याज मुक्त मोरटोरियम का दिया सुझाव
मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार से 6 महीने का ब्याज मुक्त मोरटोरियम का भी सुझाव दिया है. सीएम ने कहा है कि, रिजर्व बैंक और किसानों के बकाया ऋणों के लिए भुगतान का धारण करते हुए, आधार पर 6 माह का मोरटोरियम उपलब्ध कराया जाए. इसमें राज्य सरकारों के बोर्ड और कंपनियां भी शामिल की जाएं.

बैंक से ब्याज सब्सिडी देने पर विचार करे केंद्र
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के सुझाव में निर्यात को बढ़ावा देने को लेकर, जरूरी उपाय भी शामिल है. मुख्यमंत्री ने सुझाव दिया है कि, वैश्विक आर्थिक परिदृश्य में रिकवरी होगी. ऐसे में भारत के लिए निर्यात के नए अवसरों की संभावना को देखते हुए, हमें अभी से ही निर्यात को बढ़ावा देने के लिए, बैंक के माध्यम से ब्याज सब्सिडी देने पर विचार करना चाहिए.

आर्थिक विशेषज्ञों की मदद ली
इसके अलावा मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राजस्थान में भी अर्थव्यवस्था के मिसिंग लिंक, क्रय शक्ति बढ़ाने और रोजगार के उपायों पर लगातार काम किया है. इसके लिए ना केवल आर्थिक विशेषज्ञ की मदद ली है, बल्कि कई जरूरी कदम उठाए हैं. खासतौर पर किसानों के लिए कृषि जिंसों की न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) और खुली खरीद प्रक्रिया के लिए, 15 अप्रैल से चरणबद्ध खरीद शुरू की है. इसमें फ़ूड प्रोसेस जुड़ी कंपनियों को सीधे खरीद में प्राथमिकता दी गई है.

चुनौती को अवसर में बदलने की सोच
मुख्यमंत्री का मानना है कि कोरोना वायरस की चुनौती बहुत बड़ी है. इससे निपटने में अभी वक्त लगेगा. लेकिन सीएम मानते हैं कि अगर इस चुनौती को अवसर में बदला जाए तो, निश्चित तौर पर कई सुखद परिणाम देखने को मिलेंगे. सीएम अशोक गहलोत आने वाले दिनों में, आर्थिक हालातों को सुधारने की दिशा में जरूरी कदम उठाने के साथ-साथ, इस महामारी को प्रदेश में चिकित्सा सिस्टम को दुरुस्त करने के लिए, सबसे बेहतर अवसर मानते हैं. उनका मानना है कि, इस दिशा में उठाए जा रहे  कदम, आने वाले दिनों में प्रदेश में, मेडिकल सिस्टम को बेहतर बनाने की दिशा में काम करेंगे.



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