Delhi: 3 arrested for cheating crores in the name of giving gift vouchers | बिना OTP पूछे लोगों के बैंक अकाउंट से पैसे चुराने वाले 3 ठग गिरफ्तार, ऐसे दिया वारदात को अंजाम

0
11

नई दिल्ली: क्रेडिट कार्ड (Credit Card) पर बोनस प्लाइंट देकर देशभर के 250 से अधिक लोगों से करोड़ों की ठगी करने वाले एक गैंग के तीन आरोपियों को साइबर सेल (Cyber Cell) ने पकड़ लिया है. इन आरोपियों की पहचान गैंग के सरगना विकास झा (31), हिमांशु उर्फ सोनू (27) और अविनाश कुमार उर्फ धुन्ना (36) के रूप में हुई है.

प्लेन से जाया करते थे बैंक

इन आरोपियों ने देश के कई राज्यों में फर्जी आईडी के आधार पर अकाउंट खोले हुए हैं. ये हवाई जहाज और कार से जाकर उन राज्यों में ठगी की रकम निकालते थे. आरोपियों के पास से पुलिस ने 15 मोबाइल फोन, 39 सिमकार्ड, 12 बैंक खाते, पासबुक, चेकबुक, डेबिट कार्ड 85 हजार कैश और कुछ फर्जी आधार कार्ड बरामद किए हैं. आरोपी दूसरे राज्यों में जाने के दौरान 5 सितारा होटल में रात बिताते थे. कोविड के दौरान विकास और अविनाश जमानत पर बाहर आए थे. गुरुग्राम पुलिस ने विक्की के खिलाफ गैर जमानती वारंट भी जारी किया हुआ था.

ये भी पढ़ें:- दिल्ली सरकार के सिविल डिफेंस स्टाफ की गुंडागर्दी, रेहड़ी लगाने वाले को लसत-जूतों से मारा

बिना OTP क्रेडिट कार्ड से उड़ाए पैसे

दिल्ली के नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट के डीसीपी एन्टो अल्फोंस ने बताया कि पिछले दिनों गृहमंत्रालय के वेब पोर्टल से उनके पास से एक शिकायत आई थी. पीड़ित ने अपनी शिकायत में बताया था कि उसके पास बिना ओटीपी आए क्रेडिट कार्ड से 37  हजार रुपये उड़ा लिए गए. बुराड़ी में इस संबंध में मामला दर्ज कर मामले की जांच जिले की साइबर सेल ने शुरू की. साईबर सेल के एसआई रोहित कुमार की टीम ने मामले की छानबीन शुरू की. पूछताछ के दौरान पीड़ित ने बताया कि क्रेडिट कार्ड पर प्वाइंट देने की बात कर उसके पास एक मैसेज आया था. एक लिंक पर उससे ईमेल व क्रेडिट कार्ड की ‌डिटेल भरवाई गई थी. 

भूल से भी आप ना कर बैठें ये गलती!

पुलिस ने जांच की तो पता चला कि पीड़ित ने जानकारी देते वक्त अपना मेल आईडी का पासवर्ड आरोपियों को बताया था. इसके बाद उसके खाते से 37 हजार रुपयों के गिफ्ट वाउचर और मोबाइल खरीदे गए. टेक्नीकल सर्विलांस की मदद से आरोपियों के खाते ही जांच की तो पता चला कि इन लोगों ने इसी तरह लाखों रुपये के मोबाइल और सोने के जेवरात नामी ज्वेलरी शोरूम से खरीदकर दूसरे एप के जरिये उनको बेचा हुआ था. हालांकि पुलिस ने करीब 100 मोबाइल नंबर की पड़ताल की, इसके बाद आरोपियों की पहचान कर ली, जिसमें विकास उसके साथी अविनाश और विक्की निकले.

ये भी पढ़ें:- पाक हाई कमीशन की किसान प्रदर्शनों पर नजर, भारत को बदनाम करने की साजिश का खुलासा

यूपी समेत कई राज्यों में दर्ज हैं मामले

जांच के दौरान पता चला कि आरोपी विकास के खिलाफ दिल्ली, यूपी, हरियाणा समेत देश के कई राज्यों में ठगी के 21 और बाकी दोनों के खिलाफ पांच-पांच मुकदमें दर्ज हैं. जानकारी जुटाने के बाद पुलिस ने टेक्नीकल सर्विलांस से आरोपियों का पीछा करना शुरू किया. दिल्ली, यूपी, हरियाणा और चंडीगढ़ में पुलिस की टीमें आरोपियों का चार दिन तक पीछा करती रहीं. आखिर पुख्ता जानकारी जुटाने के बाद पहले कुरुक्षेत्र, हरियाणा से विकास झा और विक्की को दबोचा गया. दोनों कार से आगरा जा रहे थे. इसके बाद इनकी निशानदेही पर इनके तीसरे साथी को दबोचा गया. आरोपियों ने बताया कि उन्होंने पुणे, पंजी, बेंगलूरू, इंदौर, जयपुर, सूरत, चंडीगढ़, शिमला, आगरा, करनाल व ओडिशा समेत अन्य राज्यों के बैंकों में अकाउंट खुलवाया हुआ है.

ऐसे दिया जाता था वारदात को अंजाम

मास्टर माइंड विकास झा को कंप्यूटर की अच्छी जानकारी थी. वह एजुकेशन से जुड़ी वेबसाइट बनाकर उसका लिंक लोगों को भेजता था, ताकि उनका पर्सनल डाटा चुराया जा सके. जैसे ही कोई व्यक्ति इस लिंक पर क्लिक करता था तो उसके सामने एक नई विंडो खुल जाते थी जिसमें क्रेडिट कार्ड के बोनस प्लाइंट का झांसा दिया जाता था. इसी लालच में आकर लोग पूरा नाम, ईमेल आईडी-पासवर्ड, फोन नंबर, कार्ड की एक्सपायरी डेट, सीवीवी नंबर और जन्मतिथि आदि की जानकारी अनजाने में ठगी को दे देते थे. इसके बाद बड़ी ही आसानी से ठग कार्ड से पैसों का गिफ्ट वाउचर खरीदकर मोबाइल व सोना खरीदा लेते थे. इसके बाद लूट की सारी रकम को छोटे छोटे अमाउंट में देशभर के बैंकों में खोले गए अपने फर्जी अकाउंट में ट्रांसफर कर देते थे. फिर उनकी गैंग का कोई सदस्य बैंक जाकर सभी पैसे निकाल लेता था. पुलिस के अनुसार, ये आरोपी अभी तक करीब 250 लोगो से करोड़ों रुपए की ठगी कर चुके हैं.

LIVE TV



Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here