Millions of students studying in school are not getting midday mill now this demand is rising | स्कूल में पढ़ने वाले लाखों विद्यार्थियों को नहीं मिल रहा मिड डे मिल, अब उठ रही यह मांग

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जयपुर: कोरोना काल के दौरान स्कूल में पढ़ने वाले लाखों विद्यार्थी मिड डे मिल से वंचित रहे थे और लगातार इस प्रकार की मांग उठ रही थी की बच्चों को मिड डे मिल की जगह सूखा राशन उपलब्ध करवाया जाए. केन्द्र सरकार के निर्देश पर लॉकडाउन और ग्रीष्मावकाश के 94 दिनों को मिड डे मील की वैकल्पिक व्यवस्था की गई है. पके हुए भोजन की बजाए अब सूखे राशन को करीब 63 लाख छात्रों तक पहुंचाया जाएगा और इसी कड़ी में राज्य सरकार ने सोशल डिस्टेंसिंग की पालना सुनिश्चित करते हुए विद्यार्थियों तक गेंहू/चावल पहुंचाने का निर्णय लिया है.

कोरोना महामारी के कारण 14 मार्च से स्कूल बंद है. मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने जब तक स्कूल बंद रहेंगे तब तक सभी राज्यों को लाभार्थी छात्रों के घरों में खाद्यान्न या पका हुआ भोजन पहुंचाने या उनके माता-पिता के खातों में धन जमा करने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं. ऐसे में अब प्रदेश में मौजूद 66 हजार 493 स्कूल में पढ़ने वाले छात्रों तक मिड डे मील को सूखे राशन के रूप में पहुंचाने की तैयारी कर ली है. इस संबंध में शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा ने अधिकारियों को पूरी तैयारी करने के निर्देश दिए हैं.

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गोविंद सिंह डोटासरा ने बताया कि केंद्र सरकार ने जो गाइडलाइन दी है उसके अनुसार गेहूं और चावल राशन की दुकानों के माध्यम से वितरित किया जाएगा. इसके साथ ही तेल, मसाले, मिर्च भी दिए जाने पर अधिकारियों के साथ चर्चा हुई है,,और जल्द ही इस पर फैसला लिया जाएगा.

मिड डे मील डिप्टी कमिश्नर आशीष व्यास का कहना है कि स्कूलों में 14 मार्च से लॉक डाउन शुरू हुआ था, तब से 30 जून तक 94 दिन वर्किंग डेज होते हैं. चूंकि इन दिनों स्कूलों में मिड-डे-मील बनना संभव नहीं है और सोशल डिस्टेंसिंग भी मेंटेन करनी है. ऐसे में सूखे राशन के तौर पर 1 से 5 कक्षा तक के बच्चों के लिए 100 ग्राम के हिसाब से 9 किलो 400 ग्राम और 6 से 8 कक्षा तक के छात्रों के लिए 150 ग्राम के हिसाब से 14 किलो 100 ग्राम गेहूं और चावल पहुंचाया जाएगा. इसके साथ ही खाना पकाने के लिए एमएचआरडी और स्टेट गवर्नमेंट द्वारा एक दर निर्धारित है, जिसमें दाल, तेल, मसाले का प्रयोग करने के लिए अधिकृत किया हुआ है. इस संबंध में अंतिम निर्णय होना बाकी है.

बहरहाल, लॉक डाउन और ग्रीष्मकालीन अवकाश की अवधि के दौरान का मिड डे मिल विद्यार्थियों तक पहुंचाने की योजना तैयार कर ली गई है. इसके साथ ही इसकी निगरानी भी जिला कलेक्टर को सौंपा गई है. इसके साथ ही 25 जून तक सभी को मिड डे मिल पहुंचाने की डेड लाइन भी तय  कर दी गई है.

 

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