Patient recovered from COVID19 narrated the story how did people bother | कोरोना से ठीक हुए मरीज ने सुनाई आपबीती, लोगों ने कैसे किया था परेशान

0
175

पटना: कोरोना वायरस (Coronavirus) को मात देने वाले बिहार के पहले व्यक्ति राहुल ने कहा कि उसने अपने बुलंद हौसले से जंग जीती है. अब गांव वालों और दोस्तों का प्यार मिल रहा है लेकिन उस समय कुछ लोगों ने मेरे घर, गली और मेरा उपनाम कोरोना रख दिया था. 

राजधानी पटना के एम्स के पास जानीपुर के रहने वाले राहुल स्कॉटलैंड में कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई करते थे. जब वहां कोरोना वायरस का खतरा बढ़ना शुरू हुआ तो राहुल ने अपने देश भारत लौटने का फैसला किया. वो 19 मार्च को लंदन के रास्ते स्कॉटलैंड से मुंबई और फिर पटना पहुंचे. 

बता दें कि राहुल अब पूरी तरह से स्वस्थ हैं. मगर ठीक होने के बाद भी उन्होंने एहतियातन अपने आपको 14 दिन के लिए आइसोलेशन रखा. अब 14 दिन के बाद राहुल लोगों और परिवार वालों के बीच रह रहे हैं.

गौरतलब है कि राहुल बिहार के पहले मरीज हैं, जिन्होंने कोरोना वायरस को मात देते हुए जिंदगी की जंग को जीता है.

ये भी पढ़ें- JNU में छात्रों को लीडरशिप सिखाने के लिए होगा रामायण के कार्यक्रम का आयोजन

राहुल ने की माने तो अपने वतन लौटने के बाद उनके शरीर में कोरोना वायरस का कोई भी लक्षण नहीं था. इसी वजह से मुंबई एयरपोर्ट पर थर्मल स्क्रीनिंग में उनको क्लीन चिट मिल गई थी. इसके बाद उन्होंने पटना के लिए अगली फ्लाइट पकड़ी और वापस घर आ गए थे लेकिन फ्लाइट में कई विदेशियों के संपर्क में वो जरूर आ गए थे और इसी वजह से पटना में जांच करवाने का फैसला किया. पहले एम्स गए लेकिन वहां की स्थिति ठीक नहीं थी इसीलिए फिर नालंदा मेडिकल कॉलेज में जांच करवाई. 

नालंदा मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों ने राहुल कुमार की जांच के लिए सैंपल लिए और उसे राजेंद्र मेमोरियल रिसर्च इंस्टीट्यूट भेजा. उसी शाम राहुल कुमार का रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आया. फिर कुछ दिन बाद दो बार और सैंपल लिया गया. जो नेगेटिव आए और फिर डॉक्टरों ने एक अप्रैल को राहुल को डिस्चार्ज कर दिया.

राहुल ने आगे कहा कि कोरोना पॉजिटिव होने की जानकारी मिलने के बावजूद मैंने हिम्मत नहीं हारी और ठान लिया कि मैं इस लड़ाई को जीत कर ही बाहर निकलूंगा. 

ये भी पढ़ें- सास-ससुर की हत्या करने वाली बहू ने तिहाड़ जेल में लगाई फांसी, जानें क्या है पूरा मामला

राहुल की माने तो जब राहुल की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई थी तो लोगों ने उनके घर और गली के साथ राहुल का नाम भी कोरोना रख दिया था. राहुल इसे लोगों की अज्ञानता मानते हैं. जबकि उनके पिता का कहना है कि जिनको कोरोना के खिलाफ जागरूकता फैलाने की जिम्मेदारी मिली है, जो स्थानीय जन प्रतिनिधि हैं उनके द्वारा सबसे अधिक इस तरह की बातों को हवा दी गई.

राहुल का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा देश में जो लॉकडाउन लागू करने का आदेश दिया गया, वो सही समय पर किया गया. उसका लोगों को पूरी तरीके से पालन करना चाहिए. तभी कोरोना वायरस जैसे जानलेवा वायरस को फैलने से रोका जा सकता है.

LIVE TV



Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here